Coronavirus (COVID-19) Updates || Note: pg 55,132|| - Page 95

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Posted: 6 years ago


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Posted: 6 years ago

Originally posted by: Himalaya10

निजाम्मदीन, दिल्ली की दरगाह में चौदह सौ भाईजान कोरोंना की खेती कर रहे थे, एक दूसरे को इन्फ़ेक्ट कर रहे थे, जिन्मे तीन सौ विदेशी थे। प्रतिबंध के बावजूद ये आयोजन था। आज गिरफ़्तार हुए सब। दिल्ली के अस्पताल तो इनहि से ब्लॉक हो जाएँगे अब। हिंदुओ का इलाज सड़कों पर होगा।


भारत दुनिया भर के मुयलमानो की सराय बना हुआ है। वोट बैंक मैनेजर मस्जिदों पर हिंदुओं का पैसा लुटाते है और उस पैसे पर दुनिया भर के मुयलमान भारत आकर ऐश करते है।

CAA, NPR, व NRC का विरोध केवल इसीलिए है।


=====


निज़ामुद्दीन के मरकज़ वाले गंध फैला गये ...कुल बारह सौ लोग इकट्ठा थे ...ढाई सौ विदेशी ... ट्रैवल के बारे में छुपा के रखा ...जब बुख़ार से मरने लगे तब सरकार याद आई.....

..

..

काबा बंद है , वेटिकन बंद है, काशी विश्वनाथ मंदिर बंद है और ये पता नहीं क्या होशियारी दिखा रहे थे ...अक़्ल घुटनों में हो तो सरकारें क्या करें ?

..

यहाँ डाक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, पोलिस बिना उचित मास्क और समान के कोरोना “ की जंग लड़ रहे और ये नमूने” देश की वाट लगा रहे ...

..

..

मोदी जी हाथ वाथ जोड़ना बहुत हुआ .....उतारिए आर्मी और पिछवाड़ा लाल कीजिए किसी भी जमावरा करने वाले का ....

..

जान हमारी भी सस्ती नहीं है 😡

There were 2000 people ..

On jamaat day near about 3400 people ...

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Posted: 6 years ago

Originally posted by: tabby999

There were 2000 people ..

On jamaat day near about 3400 people ...


खिलाफत आंदोलन के नाकाम होने के बाद तबलीगी जमात आंदोलन को 1927 में मुहम्मद इलियास अल-कांधलवी ने भारत में हरियाणा के नूंह जिले के गांव से शुरू किया था। अब इसके दुनिया भर में 15 करोड़ सदस्य बतायें जाते हैं।


इस जमात के छह मुख्य उद्देश्य बताये जाते हैं।


"छ: उसूल" (कलमा, सलात, इल्म, इक्राम-ए-मुस्लिम, इख्लास-ए-निय्यत, दावत-ओ-तबलीग) हैं।

तबलीगी जमात का काम आज दुनियाभर के लगभग 213 देशों तक फैल चुका है।

तबलीगी जमात के मरकज से ही अलग-अलग हिस्सों के लिये तमाम जमातें निकलती हैं।

इन में कम से कम तीन दिन, पाँच दिन, दस दिन, 40 दिन और चार महीने तक की जमातें निकाली जाती हैं।

एक जमात में आठ से दस लोग शामिल होते हैं। इन में दो लोग सेवा के लिये होते हैं, जो कि खाना बनाते हैं।

जमात में शामिल लोग सुबह-शाम शहर में निकलते हैं, और लोगों से नजदीकी मस्जिद में पहुँचने के लिये कहते हैं।

सुबह 10 बजे ये हदीस पढ़ते हैं, और नमाज पढ़ने और रोजा रखने पर इन का ज्यादा जोर होता है।

इस तरह से ये अलग इलाकों में इस्लाम का प्रचार करते हैं, और अपने धर्म के बारे में लोगों को बताते हैं।


पहली मरकज हरियाणा के नूंह से 1927 में शुरू हुए इस तबलीगी जमात की पहली मरकज 14 साल बाद हुई।

1941 में 25 हजार लोगों के साथ पहली मीटिंग आयोजित हुई और फिर यहीं से ये पूरी दुनिया में फैल गया।

विश्व के अलग-अलग देशों में हर साल इस का वार्षिक कार्यक्रम आयोजित होता है।


जिसे इज्तेमा कहते हैं...

--------


1927 (Ad) में मुहम्मद-इलियास-अल-कांधलवी ने भारत से शुरू किया था तबलीगी आंदोलन ....

आज लगभग दुनियां के हर मुल्क में इस संगठन के सदस्य और कार्यालय मौजूद है ....

यह संगठन दावा करता है कि दुनियां भर में इसके 15 करोड़ सदस्य है ....


इस संगठन का अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय निज़ामुद्दीन दिल्ली में है (सराय काले खां बस अड्डे के पास) ....

तबलीगी ज़मात खुद को इस्लाम की शिक्षाओं का प्रसार करने वाला संगठन कहता है .... मसलन मुसलमानों को भाषा वेशभूषा धार्मिक रीति-रिवाजों खानपान के आधार पर इस्लामिक ट्रेंड/मान्यता ग्रहण करना/इस्लाम के और ज्यादा करीब लाना/कट्टर बनाना .... (अंदरखाते और भी बहुत कुछ) ....


निज़ामुद्दीन में हुए तबलीगी ज़मात के मरकज में कल दिल्ली पुलिस ने 1400 लोगों को धरा है इसमें 200 विदेशी मोमिन थे .... इनको हॉस्पिटल जांच के लिए ले जाया गया है जिसमें सम्भवतः कुछ कोरोना पॉजिटिव भी बताये जा रहे हैं ....

निज़ामुद्दीन में मरकज का जो प्रोग्राम हुआ है उसके लिए सदस्यों को किसी न किसी माध्यम से ही आमंत्रित किया गया होगा यथा सोशल-मीडिया इंटरनेट पोस्टर पेंपलेट वगैरह से ....


यह 200 विदेशी भी सब अवैध रूप से भारत नहीं आये होंगे बल्कि संभावना (यकीन) है ये धार्मिक ट्रैवलिंग यात्रा वीजा पर भारत आये होंगे .... (इंडियन ऑथोरिटीज ने ही इनको वीजा एप्रूवल दिया होगा) .... (कब दिया होगा ये ऑथोरिटीज और अब इंटेलिजेंस जाने) ....


अभी दिल्ली पलायन उससे पहले दिल्ली दंगे उससे पहले चावड़ी बाजार में मन्दिर मूर्ति विध्वंस और उससे पहले दिल्ली की सड़कों पर मोमिनों का कोहराम .... (सब सिर्फ एक वर्ष से कम समयावधि में) ....

अब कल निज़ामुद्दीन की घटना ....


आईबी रॉ सब विफल नज़र आ रही है (इन संस्थाओं का राजनीतिकरण हो चुका है) ....

देश की राजधानी में जब ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही तो देश बहुत बड़ा है हमारा ....

हम बारूद के ढ़ेर पर बैठे हैं सरकारें असहाय है !!!! ....


-----------


* Bitter truth of nizamuddin *

* Doctor told...*

* while taking for treatment in bus from nizamuddin *
* these people are spitting the place

* the windows of buses are being closed. *

* the purpose of spitting everywhere -*

* intentionally conspiracy to spread corona in the city!*

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Posted: 6 years ago

Originally posted by: Himalaya10


खिलाफत आंदोलन के नाकाम होने के बाद तबलीगी जमात आंदोलन को 1927 में मुहम्मद इलियास अल-कांधलवी ने भारत में हरियाणा के नूंह जिले के गांव से शुरू किया था। अब इसके दुनिया भर में 15 करोड़ सदस्य बतायें जाते हैं।


इस जमात के छह मुख्य उद्देश्य बताये जाते हैं।


"छ: उसूल" (कलमा, सलात, इल्म, इक्राम-ए-मुस्लिम, इख्लास-ए-निय्यत, दावत-ओ-तबलीग) हैं।

तबलीगी जमात का काम आज दुनियाभर के लगभग 213 देशों तक फैल चुका है।

तबलीगी जमात के मरकज से ही अलग-अलग हिस्सों के लिये तमाम जमातें निकलती हैं।

इन में कम से कम तीन दिन, पाँच दिन, दस दिन, 40 दिन और चार महीने तक की जमातें निकाली जाती हैं।

एक जमात में आठ से दस लोग शामिल होते हैं। इन में दो लोग सेवा के लिये होते हैं, जो कि खाना बनाते हैं।

जमात में शामिल लोग सुबह-शाम शहर में निकलते हैं, और लोगों से नजदीकी मस्जिद में पहुँचने के लिये कहते हैं।

सुबह 10 बजे ये हदीस पढ़ते हैं, और नमाज पढ़ने और रोजा रखने पर इन का ज्यादा जोर होता है।

इस तरह से ये अलग इलाकों में इस्लाम का प्रचार करते हैं, और अपने धर्म के बारे में लोगों को बताते हैं।


पहली मरकज हरियाणा के नूंह से 1927 में शुरू हुए इस तबलीगी जमात की पहली मरकज 14 साल बाद हुई।

1941 में 25 हजार लोगों के साथ पहली मीटिंग आयोजित हुई और फिर यहीं से ये पूरी दुनिया में फैल गया।

विश्व के अलग-अलग देशों में हर साल इस का वार्षिक कार्यक्रम आयोजित होता है।


जिसे इज्तेमा कहते हैं...

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1927 (Ad) में मुहम्मद-इलियास-अल-कांधलवी ने भारत से शुरू किया था तबलीगी आंदोलन ....

आज लगभग दुनियां के हर मुल्क में इस संगठन के सदस्य और कार्यालय मौजूद है ....

यह संगठन दावा करता है कि दुनियां भर में इसके 15 करोड़ सदस्य है ....


इस संगठन का अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय निज़ामुद्दीन दिल्ली में है (सराय काले खां बस अड्डे के पास) ....

तबलीगी ज़मात खुद को इस्लाम की शिक्षाओं का प्रसार करने वाला संगठन कहता है .... मसलन मुसलमानों को भाषा वेशभूषा धार्मिक रीति-रिवाजों खानपान के आधार पर इस्लामिक ट्रेंड/मान्यता ग्रहण करना/इस्लाम के और ज्यादा करीब लाना/कट्टर बनाना .... (अंदरखाते और भी बहुत कुछ) ....


निज़ामुद्दीन में हुए तबलीगी ज़मात के मरकज में कल दिल्ली पुलिस ने 1400 लोगों को धरा है इसमें 200 विदेशी मोमिन थे .... इनको हॉस्पिटल जांच के लिए ले जाया गया है जिसमें सम्भवतः कुछ कोरोना पॉजिटिव भी बताये जा रहे हैं ....

निज़ामुद्दीन में मरकज का जो प्रोग्राम हुआ है उसके लिए सदस्यों को किसी न किसी माध्यम से ही आमंत्रित किया गया होगा यथा सोशल-मीडिया इंटरनेट पोस्टर पेंपलेट वगैरह से ....


यह 200 विदेशी भी सब अवैध रूप से भारत नहीं आये होंगे बल्कि संभावना (यकीन) है ये धार्मिक ट्रैवलिंग यात्रा वीजा पर भारत आये होंगे .... (इंडियन ऑथोरिटीज ने ही इनको वीजा एप्रूवल दिया होगा) .... (कब दिया होगा ये ऑथोरिटीज और अब इंटेलिजेंस जाने) ....


अभी दिल्ली पलायन उससे पहले दिल्ली दंगे उससे पहले चावड़ी बाजार में मन्दिर मूर्ति विध्वंस और उससे पहले दिल्ली की सड़कों पर मोमिनों का कोहराम .... (सब सिर्फ एक वर्ष से कम समयावधि में) ....

अब कल निज़ामुद्दीन की घटना ....


आईबी रॉ सब विफल नज़र आ रही है (इन संस्थाओं का राजनीतिकरण हो चुका है) ....

देश की राजधानी में जब ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही तो देश बहुत बड़ा है हमारा ....

हम बारूद के ढ़ेर पर बैठे हैं सरकारें असहाय है !!!! ....


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* Bitter truth of nizamuddin *

* Doctor told...*

* while taking for treatment in bus from nizamuddin *
* these people are spitting the place

* the windows of buses are being closed. *

* the purpose of spitting everywhere -*

* intentionally conspiracy to spread corona in the city!*

Our intelligence department failing coz there over intelligent people are appointed in special kota system .if any media or govt official complain ya tell abt the particular community ..the so called secular and leftist starts their crying and sympathy system .these people know how to mint money, gain power and fooling people..

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Posted: 6 years ago

Departments fail when it come to particular community .police unable to come to their areas as they all gather together just in few min and start fighting with them .their ladies also do the same..

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Posted: 6 years ago

:: tby999


^ If you google search with " Kejriwal's Vidhayak's names who are fighting election " all 25-27+names belong to a certain caste-community and that answers all the efforts of

*making Modi's lockdown a failure, in any which way,...

*sending Hindu Mazdoor's back home, and making rooms for Bangi-Rohingyas

*Trump-India visit timen Delhi Riots

*Shahin Baugh being paid

*Mandeero ka tootna ( hardly 4-5 months ago,.. )


.... and all,....


Kuchh log kayi mix - mitti ke bane hote hai,...... aur Jaychand, Vibhishan, Meer jaafars and aise toh kayiO ke khoon uun me shameel hote hai,.. :(

.

Edited by Himalaya10 - 6 years ago
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Posted: 6 years ago

Originally posted by: Himalaya10

:: tby999


^ If you google search with " Kejriwal's Vidhayak's names who are fighting election " all 25-27+names belong to a certain caste-community and that answers all the efforts of

*making Modi's lockdown a failure, in any which way,...

*sending Hindu Mazdoor's back home, and making rooms for Bangi-Rohingyas

*Trump-India visit timen Delhi Riots

*Shahin Baugh being paid

*Mandeero ka tootna ( hardly 4-5 months ago,.. )


.... and all,....


Kuchh log kayi mix - mitti ke bane hote hai,...... aur Jaychand, Vibhishan, Meer jaafars and aise toh kayiO ke khoon uun me shameel hote hai,.. :(

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dilli ki yahi kahani hai ...

Hindus r not united .people want their benefits free bijli pani so voted for kujliwal.

Rich class and uppar middle...They r not the voting class ..

Wrong bjp head ..

I thought manoj Tiwari will be removed after election but still wonder Kya jadoo hai tiwari mein jo shahji ko dikhta hai...hume nahi

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Posted by: vijay · 1 years ago

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